स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार — रक्षा मंत्रालय · PIB Delhi · मूल विज्ञप्ति pib.gov.in पर पढ़ें
वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले नौसेना कमांडरों के सम्मेलन-2026 का दूसरा संस्करण 29 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह उच्चस्तरीय सम्मेलन नौसेना की परिचालन और रसद संबंधी तैयारियों की व्यापक समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम और थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने नौसेना कमांडरों के साथ संवाद किया। (https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2316492®=3&lang=1 )
इस सम्मेलन में नौसेना कमांडरों ने परिचालन तैयारियों, रसद एवं रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं तथा प्रशिक्षण और मानव संसाधन प्रबंधन में किए गए सुधारों पर चर्चा की। इन विषयों पर बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों और प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रही प्रगति को ध्यान में रखते हुए विचार-विमर्श किया गया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने तथा स्वायत्त और मानवरहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने तथा सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Addressing the Naval Commanders, Shri Jitin Prasada, Minister of State for Electronics & IT, lauded the #IndianNavy’s role in ensuring India’s energy security and highlighted the GoI’s focus on strengthening sovereignty in semiconductor and chip production towards a more robust… https://t.co/wDqVkp3ajM pic.twitter.com/RP1FX5BonF
— SpokespersonNavy (@indiannavy) October 1, 2026
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में भारतीय नौसेना की रणनीतिक क्षमता बढ़ाने वाली शक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति नौसेना की परिचालन प्रतिबद्धता तथा प्रौद्योगिकी को अपनाने और स्वदेशीकरण की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने प्रौद्योगिकी आधारित बदलाव, सुदृढ़ता और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी बल दिया।
Gen NS Raja Subramani, #CDS, addressing the #IndianNavy Commanders’ Conference on 29 Sep 2026, acknowledged the Navy as a strategic force multiplier.
He commended the Navy’s efforts in technology absorption, #Aatmanirbharta, and ongoing operations to maintain energy security.… https://t.co/YAIlHts5y8 pic.twitter.com/yWC0VTEnkQ
— SpokespersonNavy (@indiannavy) September 30, 2026
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना की तैयारियों की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी।
Gen Dhiraj Seth, #COAS, interacted with the Naval Commanders on 29 Sep 2026 and shared perspectives on the contemporary security environment.
The interaction focused on further strengthening Tri-Service synergy, interoperability and integrated responses to emerging security… https://t.co/YAIlHtrxIA pic.twitter.com/A5CwrXWtYb
— SpokespersonNavy (@indiannavy) September 30, 2026
कमांडर सम्मेलन के दौरान हुई प्रमुख चर्चाओं में युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम सैन्य बल के निर्माण पर जोर दिया गया। इसके लिए संयुक्त कार्यप्रणाली, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और रणनीतिक तालमेल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है, जिसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।
