लाइव शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
ब्रेकिंग
• [उत्तराखंड] उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ने के दबाव पर टिप्पणी की • [उत्तराखंड] प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की विकास यात्रा पर एक लेख साझा किया • [उत्तराखंड] प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की विकास यात्रा पर एक आलेख साझा किया • [उत्तराखंड] आईआईटी रूड़की और कैलगरी विश्वविद्यालय ने संयुक्त डॉक्टरेट डिग्री कार्यक्रम के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये • [उत्तराखंड] सचिव (श्रम एवं रोजगार) ने रुद्रपुर, उत्तराखंड में 'श्रम संवाद' का नेतृत्व किया • [उत्तराखंड] प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में उत्तराखंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया
दुनिया

भारत ने 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर बल दिया

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज फिलीपींस के मनीला में आयोजित 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में ऊर्जा मंत्रियों की बैठक…
India Highlights Regional Energy Cooperation and Energy Security at 20th EAS Energy Ministers’ Meeting
Photo: PIB

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार — विद्युत मंत्रालय · PIB Delhi · मूल विज्ञप्ति pib.gov.in पर पढ़ें

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने आज फिलीपींस के मनीला में आयोजित 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। श्री नाइक ने इस अवसर पर अपने संबोधन में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और एक सुरक्षित, सशक्त, किफायती और स्थायी ऊर्जा भविष्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

भारत की एक्ट ईस्ट नीति और आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर बल देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने ऊर्जा सहयोग के लिए आसियान कार्य योजना 2026-2030 का स्वागत किया और आसियान पावर ग्रिड, क्षेत्रीय विद्युत पारेषण, बहुपक्षीय विद्युत व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा सहित आसियान-भारत कार्य योजना 2026-2030 के तहत सहयोग पर बल दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 में आयोजित 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के दौरान ग्रिड कनेक्टिविटी के तहत 400 पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के माध्यम से आसियान पावर ग्रिड पहल को समर्थन देने की घोषणा की थी।

श्री नाइक ने भारत के विद्युत क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि 30 सितंबर, 2026 तक देश की स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 558.8 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें से 308 गीगावाट क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से है, जो कुल स्थापित क्षमता का 55 प्रतिशत है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर परियोजना के अंतर्गत हुई प्रगति पर कहा कि 29 सितंबर, 2026 तक लगभग 50.1 करोड़ रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिनसे 59.5 करोड़ घरों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि भारत ने अपने 2030 के राष्ट्रीय विकास लक्ष्य (एनडीसी) से पांच साल पहले ही, जून 2025 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से संचयी स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत प्राप्त कर लिया था।

क्षेत्रीय अंतर्संबंधों पर श्री नाइक ने कहा कि भारत और सिंगापुर प्रस्तावित 2,000 मेगावाट सीमा पार विद्युत अंतर्संबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।विचाराधीन विकल्पों में से एक लगभग 3,000 किलोमीटर लंबा भूमि आधारित पारेषण गलियारा है जो भारत के इम्फाल को म्यांमार, थाईलैंड और मलेशिया होते हुए सिंगापुर से जोड़ेगा। इस योजना में विश्वसनीय सीमा पार विद्युत व्यापार को सुगम बनाने, स्वच्छ ऊर्जा एकीकरण को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की क्षमता है।

श्री नाइक ने नवीकरणीय ऊर्जा के व्यापक उपयोग, ग्रिड एकीकरण, पारेषण नियोजन, ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में भारत के अनुभव को ईएएस के सदस्य देशों के साथ साझा करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने एनटीपीसी, पावरग्रिड, सीईए, एनआईडब्ल्यूई, एनआईएसई और एनपीटीआई सहित भारतीय संस्थानों और आसियान ऊर्जा केंद्र के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

श्री नाइक ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, आपातकालीन तैयारी, विद्युत प्रणाली की मजबूती, एलएनजी और गैस आपूर्ति सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा पूर्वानुमान, बैटरी ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन और अन्य उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर सहयोग के अवसरों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सहभागी देशों की प्राथमिकताओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, सीसीयूएस और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना पर आसियान भागीदारों के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग में भारत की रुचि भी व्यक्त की।

केंद्रीय मंत्री ने भारत की ओर से आसियान पावर ग्रिड पर उन्नत समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन और बहुपक्षीय बिजली व्यापार को विस्तार देने के आसियान के प्रयासों का समर्थन किया।

यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है, जिसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।

स्रोत

यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है — विद्युत मंत्रालय, PIB Delhi. PIB की कॉपीराइट नीति के अनुसार इसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।

मूल विज्ञप्ति देखें
यह ख़बर साझा करें और हमारे सोशल मीडिया से जुड़ें:
शिक्षा और नौकरी उत्तराखंड

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, बाजपुर में छात्रों के साथ बातचीत की; स्कूल को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया