दूसरा भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) समृद्धि शिखर सम्मेलन आज नई दिल्ली में आयोजित किया गया। शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ भारतीय और ईएफटीए अधिकारी, व्यापारिक नेता और उद्योग प्रतिनिधि एक साथ आए। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन, जो इस समय भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं, शिखर सम्मेलन में उपस्थित थे। वह सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। भारत और ईएफटीए, जिसमें स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे शामिल हैं, अपने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के कार्यान्वयन के एक वर्ष पूरे कर रहे हैं।
शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दोनों पक्षों के मंत्रियों और व्यवसायों के बीच सार्थक चर्चा हुई।
श्री वैष्णव ने कहा कि यूरोपीय देश आज भारत को नवाचार और विनिर्माण के लिए एक प्रमुख केंद्र मानते हैं। उन्होंने कहा, भारत के साथ कई तरह की साझेदारियां स्थापित की जा रही हैं, जिससे प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान में भी आसानी होगी। उन्होंने कहा, इससे कुल मिलाकर लगभग दस लाख नई नौकरियां पैदा होने और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यह आकाशवाणी समाचार (ऑल इंडिया रेडियो) की एक समाचार रिपोर्ट है, जिसे जारी रूप में पुन: प्रस्तुत किया गया है।
