લાઇવ रविवार, 11 अक्टूबर 2026
બ્રેકિંગ

સુપ્રિયા સુલેએ કહ્યું: શાંતિપૂર્ણ આંદોલનના નેતાઓની અટકાયત કાયરતા છે

દિલ્હી પોલીસે ત્રણ CJP નેતાઓ અને યુટ્યુબર ધ્રુવ રાઠીની અટકાયત કરી છે. સુપ્રિયા સુલેએ આ કાર્યવાહીને કાયરતાપૂર્ણ ગણાવી સરકાર પર સવાલ ઉઠાવ્યા છે.
Supriya Sule
Photo: TV9 Marathi / Wikimedia Commons, CC BY 3.0 (edited by CityStory24)

The English version of this story is being prepared. This page will switch to English by itself in a few moments.

  • दिल्ली पुलिस ने CJP के तीन नेताओं को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया
  • यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया
  • सरकार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर धारा 144 लागू होने की बात कही
  • सुप्रिया सुले ने कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया और सवाल उठाए
  • CJP ने कहा कि जंतर मंतर का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन नेतृत्व के बिना भी होगा

दिल्ली पुलिस ने CJP के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरते ही हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई जंतर मंतर पर उनके प्रदर्शन से पहले हुई।

क्या हुआ

यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस से जंतर मंतर की ओर बढ़ने से बैरिकेड पर रोका गया।

प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे करीब 200 लोगों को भी हिरासत में लिया गया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया।

विरोध किस बात पर था

CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर था। पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़ी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां हुई हैं।

सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया

सरकार का कहना है कि दिल्ली में बड़ी भीड़ जुटने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी। इसी वजह से धारा 144 लगाई गई और एहतियात के तौर पर लोगों को हिरासत में लिया गया।

NCP नेता सुप्रिया सुले ने इस कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया। उन्होंने पूछा कि अगर आंदोलन शांतिपूर्ण है, तो नेताओं को हिरासत में लेना क्यों ज़रूरी था। उन्होंने यह बात मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कही।

AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के केंद्रीय इलाके में सुरक्षा के नाम पर हुई सख्ती को आपातकाल से भी बदतर बताया। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की हिरासत की भी आलोचना की।

CJP ने इन हिरासतों को पूर्व नियोजित बताया। पार्टी के मुताबिक, मकसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू होने से पहले उसके नेतृत्व को कमजोर करना था।

अभिजीत दिपके ने विमान के भीतर रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में कहा कि हालात आपातकाल से भी खराब हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी गिरफ्तारी के लिए तैयार थे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वाम नेता पिनराई विजयन, जॉन ब्रिटास और एमए बेबी को केरल हाउस में हिरासत में लिया गया।

आगे क्या

CJP ने कहा कि जंतर मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन नेतृत्व के साथ या उसके बिना भी होगा। पार्टी ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की।

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