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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार के दरभंगा में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर छत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है, जहां छत को सहारा देने वाला मुख्य स्तंभ गिरने के बाद उसे बेंचों पर टिका दिया गया है

आयोग ने दरभंगा जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार के दरभंगा में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर छत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है, जहां छत को सहारा देने वाला मुख्य स्तंभ गिरने के बाद उसे बेंचों पर टिका दिया गया है
प्रतीकात्मक तस्वीर

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार — राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग · PIB Delhi · मूल विज्ञप्ति pib.gov.in पर पढ़ें

  • आयोग ने दरभंगा जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में आई उस खबर का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि बिहार में दरभंगा जिले के किरतपुर में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत को तीन-चार महीने पहले मुख्य स्तंभ के गिरने के बाद भी अस्थायी रूप से लकड़ी की बेंचों, डेस्क और ईंटों के सहारे टिकाया गया है। खबरों के अनुसार, इससे लगभग 191 छात्रों और विद्यालय के कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा है।

आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य सत्य हैं, तो वे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। अतः आयोग ने दरभंगा जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है।

5 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन इस स्थिति से अनभिज्ञ प्रतीत होता है।

यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है, जिसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।

स्रोत

यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है — राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, PIB Delhi. PIB की कॉपीराइट नीति के अनुसार इसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।

मूल विज्ञप्ति देखें
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