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- आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत
- अस्पतालों, डे-केयर, शिक्षण संस्थानों और वेलनेस केंद्रों में महिलाओं की संख्या 50 प्रतिशत से ऊपर
- क्षेत्र लगभग 17.6 लाख आजीविकाओं को सीधा सहारा दे रहा है
- 2024-25 में क्षेत्र का आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर रहा
- 2047 तक क्षेत्र 216 से 318 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है
आयुष सेवा क्षेत्र के ताज़ा आकलन के मुताबिक इसके कुल कार्यबल में महिलाओं का हिस्सा 43 प्रतिशत है। कई संगठित क्षेत्रों में तो महिलाएं आधे से ज़्यादा हैं। अस्पताल, डे-केयर केंद्र, शिक्षण संस्थान और वेलनेस प्रतिष्ठान इसमें शामिल हैं।
संगठित संस्थानों में महिलाओं की बढ़त
आयुष मंत्रालय से जुड़ी रिपोर्ट आयुर्वेद दिवस 2026 के मौके पर RIS ने जारी की। इसके आंकड़ों में संगठित आयुष संस्थानों में महिलाओं की हिस्सेदारी साफ दिखती है।
| संस्थान | महिलाओं की हिस्सेदारी |
|---|---|
| स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट | 60 प्रतिशत से अधिक |
| शैक्षणिक संस्थान | 58 प्रतिशत |
| डे-केयर केंद्र | 57 प्रतिशत |
| अस्पताल | 53 प्रतिशत |
स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिकों से 10 लाख से ज़्यादा लोगों की रोज़ी जुड़ी है। यानी रोजगार का असर शहरों के साथ गांवों तक भी पहुंच रहा है।
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि इस क्षेत्र का विस्तार स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस, शिक्षा और जुड़े क्षेत्रों में नए रोजगार बना रहा है। उनके अनुसार इससे उद्यमिता, कौशल विकास और महिलाओं की भागीदारी के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि गुणवत्ता मानक, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल सुविधाएं और मज़बूत संस्थागत ढांचा मिलकर नौकरियों की संख्या और उनकी गुणवत्ता दोनों बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगठित संस्थानों में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी समावेशी आर्थिक विकास में बड़ा योगदान दे सकती है।
राजस्व और बढ़ती मांग
स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक अब भी आयुष क्षेत्र में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाला हिस्सा हैं। इनसे लगभग 16.21 अरब अमेरिकी डॉलर आता है, जो कुल राजस्व का 43.9 प्रतिशत है। डे-केयर केंद्रों से करीब 10.13 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई होती है।
इन दोनों को मिलाकर कुल राजस्व में 70 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा बनता है। आयुर्वेद सबसे बड़ी चिकित्सा प्रणाली है, जिससे करीब 17.73 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 48 प्रतिशत राजस्व आता है।
वेलनेस क्षेत्र 21.29 प्रतिशत की वार्षिक औसत दर से बढ़ा है। योग केंद्रों की कमाई दो वर्षों में लगभग 75 प्रतिशत बढ़ी है। रिपोर्ट इसे बीमारियों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली की बढ़ती मांग से जोड़ती है।
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और 2047 का अनुमान
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) में भी आयुष क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 2024-25 में इससे लगभग 1.77 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व मिला। विदेशी मरीज कुल मरीजों का लगभग 5 प्रतिशत हैं, लेकिन अस्पतालों के राजस्व में उनका हिस्सा 15 से 25 प्रतिशत है। आयुष उपचार में मरीज आमतौर पर 5 से 11 दिन रुकते हैं।
आकलन है कि 2024-25 के 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर यह क्षेत्र 2047 तक 216 से 318 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे स्वास्थ्य, वेलनेस, शिक्षा, MVT, अनुसंधान और डिजिटल स्वास्थ्य में बड़े रोजगार बनने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक यह क्षेत्र विकसित भारत@2047 के लक्ष्य में भी योगदान दे सकता है।
