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નમામી ગંગામાં 368 પ્રોજેક્ટ પૂર્ણઃ 527 મંજૂર, રૂ. 43,266 કરોડનો ખર્ચ

ગોમતી મૂળ સ્થાનના સંરક્ષણ અને બિહારની નિરંજના/ફાલ્ગુ નદીના પુનરુત્થાનની પણ બેઠકમાં સમીક્ષા કરવામાં આવી હતી. ગોમતીની ડીપીઆર 17 સપ્ટેમ્બર 2026ના રોજ મંજૂર કરવામાં આવી હતી.
Ganga clean-up: 368 of 527 projects done, Rs 43,266 crore sanctioned
Photo: PIB

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  • अगस्त 2026 तक 527 परियोजनाएं स्वीकृत, 43,266 करोड़ रुपये की लागत
  • 368 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं
  • बरौनी और शांतिपुर सीवेज प्लांट की DPR पर आगे की प्रक्रिया जारी
  • गोमती उद्गम स्थल की 1 एमएलडी STP की DPR को 17 सितंबर 2026 को मंजूरी
  • शहरी नदी प्रबंधन पर दो नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में गंगा संरक्षण पर अधिकार प्राप्त कार्य बल (ईटीएफ) की 20वीं बैठक नई दिल्ली में हुई। बैठक में नमामि गंगा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई और नदी संरक्षण की रफ्तार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

परियोजनाओं की स्थिति

अगस्त 2026 तक नमामि गंगा के तहत 527 परियोजनाएं मंजूर हो चुकी हैं। इनकी कुल लागत 43,266 करोड़ रुपये है। इनमें से 368 परियोजनाएं पूरी हो गई हैं।

विवरणआंकड़ा
कुल स्वीकृत परियोजनाएं527
पूरी हो चुकी परियोजनाएं368
कुल लागत43,266 करोड़ रुपये
स्वीकृत सीवरेज परियोजनाएं219
स्वीकृत सीवेज उपचार क्षमता6,603 एमएलडी
स्वीकृत सीवर नेटवर्क5,245 किलोमीटर
पूरी हो चुकी सीवरेज परियोजनाएं147
पूरी परियोजनाओं की सीवेज उपचार क्षमता4,339 एमएलडी
पूरी परियोजनाओं का सीवर नेटवर्क4,615 किलोमीटर

मंत्री ने एजेंसियों और राज्य सरकारों से चल रही परियोजनाएं समय पर पूरी करने को कहा। लंबित DPR, भूमि से जुड़े मुद्दों और दूसरी बाधाओं पर तेजी से काम करने पर भी जोर दिया गया।

सीवेज और पानी के दोबारा इस्तेमाल पर प्रगति

बरौनी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संशोधित DPR का मूल्यांकन IIT-BHU में चल रहा है। पश्चिम बंगाल के शांतिपुर STP की DPR को कार्यकारी समिति ने मंजूरी दे दी है।

बिहार और पश्चिम बंगाल ने उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग की नीतियां अधिसूचित कर दी हैं। झारखंड में राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।

गोमती, निरंजना और यमुना

पीलीभीत में गोमती उद्गम स्थल के लिए मास्टर प्लान दिसंबर 2025 में एनएमसीजी की 68वीं कार्यकारी समिति ने मंजूर किया था। झील के जीर्णोद्धार और 1 एमएलडी प्राकृतिक समाधान आधारित STP की DPR को 17 सितंबर 2026 को प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति मिल गई।

कछुआ आवास और पंचवाटिका की DPR पर 74वीं कार्यकारी समिति में विचार हो रहा है। बिहार में निरंजना/फल्गु नदी के पुनरुद्धार के लिए बिहार के जल संसाधन विभाग के सचिव को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।

यमुना के लिए मथुरा-वृंदावन, कोसी-छट्टा, आगरा, फिरोजाबाद और इटावा में परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। दिल्ली में यमुना पारिस्थितिक कार्य बल, इंटरसेप्टर सीवरेज परियोजना और ड्रोन से नालियों का सर्वेक्षण जैसे काम चल रहे हैं।

शिक्षा, जनभागीदारी और नई पहलें

बैठक में ‘रिवर सिटी’ गठबंधन के तहत विकसित दो पाठ्यक्रमों की समीक्षा हुई। ये हैं ‘शहरी नदी प्रबंधन के सिद्धांत’ और ‘पर्यावरण अनुकूल तटवर्ती विकास’। ये पाठ्यक्रम मित्राज सर्वजनिक विश्वविद्यालय, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी और भोपाल के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में पढ़ाए जा रहे हैं।

स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत सफाई और जागरूकता अभियान चलाए गए। विश्व नदी दिवस पर 137 सीईटीएफ बटालियन के 39वें गंगा कार्यबल ने प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और दिल्ली में अभियान चलाए।

नौवें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 में सतत शहरी नदी प्रबंधन (SURM) ढांचा और नदी में सूक्ष्म प्लास्टिक की निगरानी का प्रोटोकॉल जारी किए गए। जुलाई और अगस्त 2026 में नई दिल्ली, पुणे और गुवाहाटी में लघु नदियों पर परामर्श कार्यशालाएं भी हुईं।

मंत्री ने कहा कि नदी संरक्षण में केंद्र, राज्य, शहरी निकाय, वैज्ञानिक संस्थान और समुदाय के बीच लगातार तालमेल जरूरी है। उन्होंने पानी की उपलब्धता, भूजल सुरक्षा और जैव विविधता को भी इसमें शामिल करने पर जोर दिया।

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