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- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 7 अक्टूबर, 2026 को सारेक्स-2026 का उद्घाटन किया
- अभ्यास 8 अक्टूबर, 2026 को पारादीप के पास होगा
- 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि अभ्यास में हिस्सा लेंगे और उसे देखेंगे
- इसरो को MEOLUT के पूर्ण परिचालन पर बधाई दी गई
- बोर्ड की 24वीं बैठक में राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026 दिए गए
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 7 अक्टूबर, 2026 को बहुराष्ट्रीय खोज एवं बचाव अभ्यास सारेक्स-2026 का उद्घाटन किया। अभ्यास 8 अक्टूबर को पारादीप के पास होगा। उसी दिन समुद्री बचाव तैयारियों की बैठक भी हुई।
अभ्यास में कौन-कौन जुड़ेगा
इस आयोजन में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और अभ्यास को करीब से देखेंगे। मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मित्र देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
संजय सेठ ने कहा कि नौसेना, तटरक्षक बल, वायुसेना, तटीय पुलिस, बंदरगाह, असैन्य एजेंसियाँ और समुद्री परिवहन से जुड़े लोग मिलकर काम करें, तभी समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी। उनके अनुसार यह जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी की नहीं है। सरकार और पूरे देश के स्तर पर तालमेल जरूरी है।
उपग्रह आधारित बचाव में नई प्रगति
मंत्री ने बताया कि भारत का सफर लो अर्थ ऑर्बिट से जियोस्टेशनरी और अब मीडियम अर्थ ऑर्बिट सर्च एंड रेस्क्यू तक पहुँच गया है। उन्होंने इंडियन अर्थ ऑर्बिट लोकल यूजर टर्मिनल (MEOLUT) के पूरी तरह चालू होने को बड़ी उपलब्धि बताया।
इस उपलब्धि के लिए उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और उससे जुड़ी टीमों को बधाई दी। मंत्री ने सभी भागीदारों से समुद्र में जान बचाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराने को कहा।
संजय सेठ ने ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांत का जिक्र किया। उनके अनुसार मिलकर काम करने से समुद्री समुदाय अधिक सुरक्षित और लचीला बन सकता है।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बचाव क्षमता को और तेज, सटीक और मजबूत बनाना होगा। भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य ‘वयम् रक्षामः’ भी इसी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
बैठक में क्या तय हुआ
तटरक्षक बल के महानिदेशक और राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड के अध्यक्ष परमेश शिवमणि की अध्यक्षता में 7 अक्टूबर 2026 को बोर्ड की 24वीं बैठक हुई। बैठक में 46 लाख वर्ग किलोमीटर के भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र की तैयारियों की समीक्षा हुई।
बैठक में तकनीक को जोड़ने, वास्तविक समय में सूचना साझा करने, संकट चेतावनी, पोतों की निगरानी और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले अभियानों और अभ्यासों के अनुभव आगे की तैयारी और तेज प्रतिक्रिया में दिखने चाहिए।
बैठक में ‘राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026’ भी दिए गए। समुद्र में संकट में फँसे लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित किया गया।
