संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज कहा कि भारत ने लगभग 5.6 लाख बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (बीटीएस) के माध्यम से हर जिले को 5जी से जोड़ा है और गांवों को 4जी से जोड़ा है और पिछले 5 वर्षों में अपना स्वयं का स्वदेशी 4जी स्टैक विकसित किया है।
उन्होंने आईएमसी 2026 के मौके पर "शेपिंग द इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर 6जी" नामक एक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मंत्री ने आगे कहा कि टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (टीटीडीएफ) के तहत लगभग 5 सौ करोड़ रुपये की लगभग 136 अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को वित्त पोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं 5जी, 6जी, क्वांटम संचार, गैर-स्थलीय नेटवर्क, उन्नत ऑप्टिकल सिस्टम, स्वदेशी कोर और दूरसंचार सुरक्षा पर काम कर रही हैं। प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए आगे, डॉ. पेम्मासानी ने वर्तमान में आयात की जा रही 10-20 महत्वपूर्ण नेटवर्क प्रौद्योगिकियों की पहचान करने और विशेष रूप से घटक निर्माण, चिपसेट, रेडियो, राउटर और ऑप्टिकल सिस्टम में भारतीय विकल्प विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने वैश्विक 6जी पेटेंट और मानकों के कम से कम 10 प्रतिशत को हासिल करने के लक्ष्य पर प्रकाश डाला और प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों से उद्योग सहयोग के साथ-साथ मानकों, मानक-आवश्यक पेटेंट (एसईपी) और विश्वविद्यालय अनुसंधान में योगदान के लिए मापने योग्य वार्षिक और त्रैमासिक लक्ष्य रखने का आह्वान किया। डॉ. पेम्मासानी ने रेखांकित किया कि पिछला दशक डिजिटल इंडिया का था और सरकार का लक्ष्य अगले दशक को इंटेलिजेंट इंडिया बनाना है।
यह आकाशवाणी समाचार (ऑल इंडिया रेडियो) की एक समाचार रिपोर्ट है, जिसे जारी रूप में पुन: प्रस्तुत किया गया है।
