केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तर पर सबसे आगे ले जाने के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
श्री दुबे पुणे में प्रौद्योगिकी और नवाचार पर AWTIS-26 (आर्यन्स वर्ल्ड टेक एंड इनोवेशन समिट) राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत को नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने युवा शोधकर्ताओं और स्टार्ट-अप से हाइड्रोजन ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में नवीन कार्य करने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि सम्मेलन प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग के बीच संबंध को मजबूत करने में मदद करेगा। उन्होंने सतत विकास हासिल करने के लिए खनन, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर हरित ऊर्जा और जैव ईंधन के विशेषज्ञ डॉ. ज्येष्ठराज जोशी, हाइड्रोजन ईंधन प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. रमन वेदराजन, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अधिकारी संदीप रायरिकर और आर्यन्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ मनोहर जगताप उपस्थित थे। तीन दिवसीय सम्मेलन शनिवार को समाप्त होगा, जिसमें विभिन्न सत्र प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, ऊर्जा और खनिजों में नवाचार और उद्योग की आवश्यकताओं पर केंद्रित होंगे।
यह आकाशवाणी समाचार (ऑल इंडिया रेडियो) की एक समाचार रिपोर्ट है, जिसे जारी रूप में पुन: प्रस्तुत किया गया है।
