स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार — सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय · PIB Delhi · मूल विज्ञप्ति pib.gov.in पर पढ़ें
उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने, आर्थिक बाधाओं को दूर करने और वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। समय पर मिलने वाली फेलोशिप विद्यार्थियों को शोध पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक वित्तीय स्थिरता प्रदान कर सकती है।
35 वर्षीय श्री बालामुरुगन एस. देवेंद्र कुला वेल्लार समुदाय से हैं और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी हैं। वे वर्तमान में भौतिक विज्ञान के गेस्ट लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। वे अपने परिवार में पहले स्नातक और अपने परिवार की पीढ़ियों में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं। हालांकि उच्च शिक्षा उनके लिए एक प्राप्त किया जा सकने वाला लक्ष्य था, लेकिन आगे की पढ़ाई और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए आर्थिक कठिनाइयां एक बड़ी चुनौती थीं।
राष्ट्रीय फेलोशिप के अंतर्गत मिली सहायता से श्री बालामुरुगन को अपने शोध के लिए पूरी तरह समर्पित होने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिली। वर्ष 2017 से 2020 तक फेलोशिप अवधि के दौरान उन्हें पहले दो वर्षों में हर महीने 25 हजार रुपये और अगले दो वर्षों में हर महीने 31 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली। फेलोशिप से रसायनों और एक्स-रे डिफ्रैक्शन (एक्सआरडी), एक्स-रे फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रोस्कोपी (एक्सपीएस), रोगाणुरोधी अध्ययन और चुंबकीय अध्ययन जैसी उन्नत तकनीकों से जुड़े विशेष अनुसंधान में महत्वपूर्ण सहायता मिली।
फेलोशिप की सहायता से श्री बालामुरुगन ने अपना शोध सफलतापूर्वक पूरा किया और वैज्ञानिक समुदाय में मौलिक योगदान देने की अपनी आकांक्षा पूरी की। उन्होंने “कैडमियम ऑक्साइड नैनोपाउडर्स” पर एक शोध पत्र लिखा और प्रकाशित किया। इसे वे इस विषय पर दुनिया का पहला शोध पत्र बताते हैं। फेलोशिप सहायता से उनके निरंतर शोध कार्य में भी योगदान मिला और वे 28 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित करने में सक्षम हुए।
राष्ट्रीय फेलोशिप ने श्री बालामुरुगन की शैक्षणिक और शोध यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इससे उन्हें आर्थिक सीमाओं को दूर करने और अधिक ध्यान तथा आत्मविश्वास के साथ उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिली। अपने परिवार की पीढ़ियों में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले एकमात्र व्यक्ति के रूप में उनकी उपलब्धि उनके परिवार के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही है।
श्री बालामुरुगन ने कहा, “राष्ट्रीय फेलोशिप मिलने से मुझे वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए पूरी तरह समर्पित होने में आवश्यक सहायता मिली। इससे मुझे अपना शोध पूरा करने और 28 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित करने में मदद मिली।”
श्री बालामुरुगन एस. का सफर दर्शाता है कि उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता वंचित समुदायों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने, वैज्ञानिक अनुसंधान करने और व्यापक शैक्षणिक समुदाय में योगदान देने में सक्षम बना सकती है। उनका अनुभव उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक प्रगति और अधिक आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करने में फेलोशिप सहायता की भूमिका को दर्शाता है।
……………………
पीके/केसी/आरटी/एसके
यह पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है, जिसे बिना बदलाव के प्रकाशित किया गया है।
