- मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, अमित शाह ने दी बधाई
- 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी
- शाह के अनुसार गुजरात का शासन मॉडल आगे चलकर देशभर का आधार बना
- प्रधानमंत्री के रूप में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, शाह का दावा
- शाह ने ‘विकसित भारत’ और 2047 तक अग्रणी भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी है। शाह ने यह संदेश X पर कई पोस्ट के जरिए साझा किया।
गुजरात से शुरू हुआ सफर
शाह ने याद दिलाया कि 7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसी दिन से यह सफर शुरू हुआ।
शाह के अनुसार मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का काम गरीबों की भलाई, महिलाओं को ताकत देने, युवाओं के विकास और हर तबके की तरक्की पर केंद्रित रहा।
उन्होंने कहा कि जनकल्याण की नीतियों को सही तरीके से लागू करने, फैसलों पर अडिग रहने, पारदर्शिता और नतीजों की जिम्मेदारी से शासन का तरीका बदला। शाह ने इसे “पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस” कहा।
गुजरात का मॉडल, देश का आधार
शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते मोदी ने भूकंप से तबाह कच्छ का पुनर्निर्माण कराया और उसे मिसाल बनाया।
ज्योतिग्राम योजना से गांव-गांव तक 24 घंटे बिजली पहुंचाई गई। सौर ऊर्जा और वाइब्रेंट गुजरात के जरिए निवेश और उद्योग को नई दिशा मिली।
8% से ज्यादा कृषि विकास दर हासिल करके गुजरात में सुशासन का ऐसा मॉडल बना, जो आगे चलकर पूरे देश का आधार बना, शाह ने कहा।
प्रधानमंत्री के रूप में बदलाव
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वही सोच देश के स्तर पर आगे बढ़ी। अंतरिक्ष से समुद्र तक और वैश्विक मंचों से आंतरिक सुरक्षा तक भारत ने नई उपलब्धियां हासिल कीं।
उन्होंने दावा किया कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। करोड़ों परिवारों को पक्के मकान, ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और घर-घर नल से जल मिला।
शाह के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल पेमेंट, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। युद्ध और अस्थिरता के दौर में भारत शांति और सौहार्द की महत्वपूर्ण वैश्विक आवाज बनकर उभरा है।
शाह ने कहा कि मोदी ने ‘विकसित भारत’ का मंत्र देकर लोगों में आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने 2047 तक हर क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने का संकल्प भी दिलाया। शाह ने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में सेवा कार्यों का हिस्सा बनना सौभाग्य और गर्व की बात है।
