- दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी
- मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्ज़िट गेट बंद किए गए
- कम से कम 245 ट्रेनें रद्द; शुक्रवार शाम तक संख्या 250 से ज़्यादा
- 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद
- CJP ने कहा है कि इजाज़त न मिलने के बावजूद प्रदर्शन होगा
दिल्ली में शनिवार को सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा बनाया गया। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाज़त देने से इनकार कर दिया था।
शहर में हज़ारों जवान तैनात
प्रदर्शन से पहले पूरी दिल्ली में हज़ारों पुलिस और अर्धसैनिक बल कर्मी तैनात किए गए। मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्ज़िट गेट बंद कर दिए गए।
जनपथ–कर्तव्य पथ चौराहे के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद की गई। यह पाबंदी 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक रहेगी।
ट्रेनें रद्द, आंकड़े बढ़ते गए
उत्तर रेलवे ने कई बुलेटिन जारी किए। शुक्रवार शाम तक रद्द ट्रेनों की संख्या 38 से बढ़कर 250 से ज़्यादा हो गई।
कम से कम 245 ट्रेनें नई दिल्ली या हज़रत निज़ामुद्दीन स्टेशन आने या वहां से जाने वाली थीं, जो रद्द की गईं। रेलवे के अनुसार 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच इन स्टेशनों पर पहुंचने वाली 250 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द होंगी। कुछ ट्रेनें 9 अक्टूबर और कुछ 10 अक्टूबर के लिए रद्द हैं।
CJP का आरोप और विरोध की वजह
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि इजाज़त न मिलने के बावजूद आंदोलन आगे बढ़ेगा।
CJP ने केंद्र पर दिल्ली में ‘इमरजेंसी’ लगाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसके लिए इंटरनेट बंद, ट्रेनें रद्द होने और प्रदर्शन से पहले वॉलंटियरों की हिरासत को आधार बताया।
पार्टी का प्रदर्शन कथित वोट चोरी के मुद्दे पर है। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रही है।
इन सुरक्षा उपायों पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठे और वे जांच के दायरे में आए।
