स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), भारत सरकार — युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय · पीआईबी देहरादून · मूल विज्ञप्ति pib.gov.in पर पढ़ें
- केरल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के प्रतिभागियों ने लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया।
- शिविर में युवाओं को देशभक्ति, स्वयंसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर शामिल किया गया।
- प्रभावी संचार और परिष्कृत व्यक्तित्व ही है युवाओं की असली पहचान और सफलता की नींव: डॉ. गोविंद सिंह
मंगलवार को मेरा युवा भारत, उत्तराखंड द्वारा देहरादून में आयोजित वंदे मातरम शिविर 2026-27 का समापन विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, व्यक्तित्व विकास सत्र और प्रतिभागियों के सम्मान के साथ हुआ। शिविर के दौरान आयोजित विविध गतिविधियों ने युवाओं को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और युवा जुड़ाव से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
प्रतिभागियों के लिए दिन की शुरुआत सुबह ध्यान सत्र के साथ हुई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास पर एक विशेष सत्र का संचालन किया। उन्होंने प्रतिभागियों से व्यक्तित्व विकास, प्रभावी संचार और खुद को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने के महत्व पर बातचीत की।
इसके बाद विभिन्न राज्यों से आये प्रतिभागियों द्वारा समूह सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं। केरल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के दलों ने अपने-अपने राज्यों की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों ने एक ही मंच पर भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को देखा।
समूह प्रस्तुतियों के बाद प्रतिभागियों ने एकल सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं। इनमें केरल की पारंपरिक कलारीपयट्टू और राजस्थान की रागिनी के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की विभिन्न कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। इन प्रदर्शनों ने प्रतिभागियों के बीच सांस्कृतिक समझ और आपसी सम्मान को और मजबूत किया।
इसके बाद शिविर में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान डॉ. गोविंद सिंह के साथ, मेरा युवा भारत, उत्तराखंड के राज्य निदेशक, श्री राहुल डबराल और मेरा युवा भारत के उप निदेशक, श्री अविनाश सिंह भी उपस्थित थे। अतिथियों ने युवाओं के उत्साह एवं भागीदारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
प्रमाणपत्र वितरण के बाद, प्रतिभागियों ने विभिन्न राज्यों के अपने साथियों और आयोजक टीम के साथ समूह तस्वीरें खींचकर शिविर की यादें ताजा कर लीं।
वंदे मातरम शिविर के समापन के साथ, विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सीखने की प्रक्रिया ने सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों और गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को देशभक्ति, स्वयंसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों से जोड़ना था।
इस प्रकार, वंदे मातरम शिविर 2026-27 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, अपने निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त किया और प्रतिभागियों को विविध अनुभवों, बातचीत और सीखों से समृद्ध होकर अपने संबंधित राज्यों में लौटने का अवसर प्रदान किया।
यह प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति है, जिसे जारी किए गए रूप में पुन: प्रस्तुत किया गया है।
