- सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 5G यूज़ केस लैब्स की वर्कशॉप का उद्घाटन किया
- 100 लैब्स पर Rs 97.67 करोड़ खर्च हुए, अप्रैल 2025 तक सभी चालू हो गईं
- अगस्त 2026 तक 17,400 से ज़्यादा छात्र इन लैब्स का इस्तेमाल कर चुके थे
- हैकथॉन के विजेताओं का सम्मान हुआ; IMC 2026 में 35 टीमें अपने आइडिया दिखा रही हैं
- अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन वाला नेटवर्क और मोबाइल सिक्योरिटी प्रोग्राम पूरा किया
दूरसंचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें संस्करण में 5G यूज़ केस लैब्स की वर्कशॉप का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन लैब्स का मकसद युवा इनोवेटर्स को आगे बढ़ाना है, जो भारत और दुनिया के लिए समाधान बना सकें।
"बिल्डिंग इंटेलिजेंट नेटवर्क्स: इनोवेशंस ड्राइविंग द 5G एडवांस्ड एंड 6G एरा" थीम पर हुई एक दिन की इस वर्कशॉप का मकसद उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के रिश्ते मज़बूत करना है। साथ ही, अकादमिक रिसर्च को व्यावहारिक, टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों में बदलना भी इसका लक्ष्य है।
सिंधिया ने कहा कि लैब्स सिर्फ़ सुविधा देने के लिए नहीं बनाई गईं। उनके मुताबिक, इनसे छात्र और रिसर्चर अलग-अलग सेक्टर में असली दुनिया के इस्तेमाल को परख सकेंगे।
हैकथॉन विजेता और अधिकारी सम्मानित
सिंधिया ने 5G इनोवेशन हैकथॉन (एडिशन-2) 2026 के विजेताओं को पुरस्कार दिए। उन्होंने 50 फ़ाइनलिस्ट को बधाई दी और सभी 1,400 हिस्सा लेने वाली टीमों से नए आइडिया पर काम जारी रखने को कहा।
उन्होंने दूरसंचार विभाग (DoT) के अधिकारियों को सर्टिफिकेट और बैज भी दिए। अधिकारियों ने नेटवर्क और मोबाइल सिक्योरिटी पर विशेष क्षमता विकास कार्यक्रम पूरा किया। इस कोर्स में CISSP, CEH, PenTest और CySA जैसे अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन शामिल थे।
लैब्स के शुरुआती नतीजे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2023 में देशभर के शैक्षणिक संस्थानों को ये लैब्स दी थीं। इस योजना पर Rs 97.67 करोड़ का आउटले है।
अब तक लैब्स के नतीजे इस तरह रहे हैं:
| संकेतक | आंकड़ा (अगस्त 2026 तक) |
|---|---|
| लैब्स का इस्तेमाल करने वाले छात्र | 17,400 से ज़्यादा |
| 5G कोर्स चलाने वाले संस्थान | 97 |
| 5G कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र | 21,000 से ज़्यादा |
| विकसित उत्पाद और उपयोग के मामले | 634 |
| बौद्धिक संपदा (IP) फाइलिंग | 158 |
| दिए गए पेटेंट | 32 |
इस पहल से स्टार्टअप और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ेज़ (MSMEs) को 5G इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुँच मिल रही है। हिस्सा ले रहे संस्थानों ने इन कंपनियों और दूसरी रिसर्च संस्थाओं के साथ साझेदारी भी बनाई है।
5G इनोवेशन हैकथॉन में 1,400 से ज़्यादा प्रस्ताव आए। ये 5G एडवांस्ड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और टेलीकॉम सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। इनमें से 50 टीमों को सीड फंडिंग मिली। IMC 2026 में 35 टीमें अपना काम दिखा रही हैं।
6G और विकसित भारत 2047 पर फोकस
सिंधिया ने इन लैब्स को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने ऐसे इंटेलिजेंट नेटवर्क की बात की, जो भारत में डिज़ाइन और बनाए जाएँ और दुनिया भर में भरोसेमंद हों।
दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि इनोवेशन सिर्फ़ प्रतियोगिताओं और प्रोटोटाइप तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे बौद्धिक संपदा, उद्यमिता, उद्योग साझेदारी और कमर्शियल इस्तेमाल तक पहुँचना चाहिए।
वर्कशॉप में AI-आधारित नेटवर्क, इंटेलिजेंट कनेक्टिविटी, बड़े पैमाने पर 5G उपयोग के मामले, 6G स्पेक्ट्रम रोडमैप और वैश्विक मानकीकरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
