- नई दिल्ली में एनसीसीएसआर 2026 का उद्घाटन, दो दिवसीय सम्मेलन 6-7 अक्टूबर, 2026 को
- कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा का औपचारिक विमोचन
- इंडिया सीएसआर फैक्टबुक 2024-25 भी जारी की गई
- सीएसआर पोर्टल पर कंपनियों से पंजीकरण का आह्वान
- निदेशक मंडल की निगरानी और परिणाम-आधारित सीएसआर पर जोर
कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने नई दिल्ली में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन 6-7 अक्टूबर, 2026 को होगा।
सम्मेलन का आयोजन कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) ने किया है। विषय है “विकसित भारत के लिए सीएसआर की भावना को नए सिरे से परिभाषित करना: अनुपालन से प्रतिबद्धता तक”।
कोयला कंपनियों के लिए नई रूपरेखा
मंत्री दुबे ने कहा कि आर्थिक प्रगति का असली अर्थ तब है, जब उसका लाभ सशक्त समुदायों, व्यापक अवसरों और मजबूत क्षेत्रों में दिखे। उन्होंने आर्थिक और सामाजिक विकास को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता, यह भी कहा।
इस मौके पर उन्होंने भारतीय कोयला कंपनियों के लिए व्यापक सीएसआर रूपरेखा जारी की। इसका मकसद कोयला क्षेत्र में अधिक व्यवस्थित और परिणाम-उन्मुख सीएसआर पहल को दिशा देना है।
फैक्टबुक और पैनल चर्चाएं
उद्घाटन सत्र में इंडिया सीएसआर फैक्टबुक 2024-25 भी जारी की गई। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि सीएसआर विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास का एक अहम रूप है।
आईआईसीए के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि निर्णय बोर्डरूम में होते हैं, पर उनका असर स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और गांवों में दिखता है। पैनल चर्चाओं में बोर्ड की निगरानी और परिणामों पर जोर रहा।
कंपनियों से अपील
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अपर सचिव अंशुमान पटनायक ने कंपनियों से सीएसआर एक्सचेंज पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा। पहले दिन के सत्रों में सहमति बनी कि सीएसआर में साक्ष्य-आधारित परियोजना चयन और परिणामों की निगरानी जरूरी है।
