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- लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र शुभम खरवार शुक्रवार शाम हिरासत में लिए गए
- वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे
- प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
- CJP का दावा: देशभर में कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया
- दिल्ली पुलिस ने मेट्रो से 57 स्टेशन बंद करने का अनुरोध किया
लखनऊ में शुक्रवार शाम पुलिस ने LU छात्र शुभम खरवार को दिल्ली जाने की तैयारी के दौरान हिरासत में ले लिया। वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
लखनऊ में क्या हुआ
घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की शाम की है। पुलिस ने शुभम खरवार को उस समय पकड़ा, जब वह दिल्ली के लिए निकलने की तैयारी में थे।
उसी दिन लखनऊ में एक छात्र प्रदर्शन भी बाधित हुआ। छात्र और कार्यकर्ता SIR अभियान को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
CPI(ML) लिबरेशन की लखनऊ यूनिट के जिला सचिव रमेश सेंगर को नज़रबंद किए जाने की बात सामने आई है। यह कदम AISA के 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के आह्वान से पहले उठाया गया बताया गया है।
10 अक्टूबर का प्रदर्शन
10 अक्टूबर, शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होना है। इसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और AISF ने बुलाया है। आम आदमी पार्टी ने इसका समर्थन किया है।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन से पहले छात्र और युवा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। प्रदर्शन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रखी गई है।
हिरासत के आंकड़े
कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले देशभर में कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
दिल्ली में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। जंतर-मंतर के आसपास भारी बैरिकेडिंग है और बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो से आज रात से 57 स्टेशन बंद करने का अनुरोध किया है।
आयोजकों ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद 10 अक्टूबर का प्रदर्शन होगा।
