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- दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी
- पुलिस के मुताबिक़ शनिवार सुबह 500 से ज़्यादा लोग हिरासत में लिए गए
- जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद
- कई मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी, नई दिल्ली इलाके में धारा 163 लागू
- प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी। इसके बाद शनिवार, 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में सख़्त सुरक्षा घेरा दिखा। पुलिस ने कहा कि उस सुबह 500 से ज़्यादा लोग हिरासत में लिए गए।
इंटरनेट और मेट्रो पर रोक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट बंद रखने का आदेश था। टेलीकॉम कंपनियों से कहा गया कि जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में यह रोक लागू करें।
शुक्रवार रात 9 बजे से कई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी लागू हुई।
पुलिस की तैनाती और वजह
25,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। नई दिल्ली इलाके में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है।
पुलिस के मुताबिक़, आयोजकों ने तय समय से काफ़ी देर से जानकारी दी थी। कानून-व्यवस्था और ट्रैफ़िक की चिंता को भी वजह बताया गया।
प्रदर्शन की मांगें और विरोध
CJP ने प्रदर्शन में मतदाता सूची की शिकायतें उठाने की बात कही थी। पार्टी ने “वोट चोरी” के आरोप लगाए और युवाओं के नाम मतदाता सूची में न जुड़ने का मुद्दा भी उठाया।
CJP ने ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच की मांग की है। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया तुरंत रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने की मांग भी रखी है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सवाल उठाया कि क्या CEC ज्ञानेश कुमार सरकार को इतने प्रिय हैं कि वह “अपनी ही जनता के ख़िलाफ़ अपनी पुलिस और सेना उतार दे”। CJP ने X पर लिखा, “जंतर-मंतर 2.0 शुरू हो गया है। ज्ञानेश कुमार, आपकी वोट चोरी में मदद करने का समय ख़त्म हो गया है।”
CJP नेताओं ने दावा किया कि देशभर में क़रीब 10,000 लोग हिरासत में लिए गए। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि वह 10 अक्टूबर को परिवार के साथ जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल होंगे। कई विपक्षी दलों ने इस आंदोलन का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी।
आगे क्या
मोबाइल इंटरनेट पर रोक शनिवार, 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लागू रहनी थी।
