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CJP मार्च के दिन दिल्ली में हिरासत, राहुल गांधी चेन्नई में छात्रों के बीच

शनिवार को दिल्ली पुलिस ने CJP के शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिया, जबकि राहुल गांधी चेन्नई में थे। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार भी जाएगी।
Rahul Gandhi
Photo: Himanshu Arya Khowal / Wikimedia Commons, CC BY 4.0 (edited by CityStory24)
  • दिल्ली पुलिस ने CJP के अभिजीत दिपके, सौरव दास समेत शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिया।
  • CJP ने जंतर-मंतर तक हजारों लोगों के मार्च का आह्वान किया था।
  • राहुल गांधी चेन्नई में छात्रों से संवाद और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ लंच मीटिंग के लिए गए।
  • CJP प्रवक्ता ने देश भर में कम से कम 10,000 लोगों की हिरासत का दावा किया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च के दिन शनिवार को दिल्ली पुलिस ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को हिरासत में ले लिया। उधर, राहुल गांधी दिल्ली में नहीं थे। वे चेन्नई गए थे।

क्या हुआ

हिरासत में लिए गए नेताओं में अभिजीत दिपके, सौरव दास, मेहर, रत्ना सिंह और आशुतोष रांका शामिल हैं। CJP ने शनिवार को जंतर-मंतर तक मार्च बुलाया था। इसमें हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद थी। जंतर-मंतर राजधानी में प्रदर्शन के लिए तय जगह है। प्रदर्शन से पहले पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर दी थी।

CJP के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि देश भर में प्रदर्शनों, छात्र संगठनों, जमीनी समूहों और राजनीतिक दलों से जुड़े कम से कम 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

राहुल गांधी चेन्नई में

राहुल गांधी चेन्नई में छात्रों के साथ संवाद ‘छात्रों की गूंज’ में शामिल हुए। वहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ उनकी लंच मीटिंग भी थी। तमिलनाडु कांग्रेस के प्रमुख ने कहा कि पंजीकरण कराकर QR कोड पाने वाले करीब 10,000 से 20,000 छात्र ही कार्यक्रम में शामिल होंगे।

शनिवार को राहुल गांधी ने मोदी सरकार के जाने की भविष्यवाणी की।

“ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी।”

इससे पहले उन्होंने कहा था कि मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त से आगे का है और मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी है।

प्रदर्शन की वजह और प्रतिक्रियाएं

प्रदर्शन मतदाता सूची के विवादित पुनरीक्षण से जुड़े हैं। इसमें 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम सूची से हट गए हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र पर “काली इमरजेंसी” थोपने का आरोप लगाया। वामपंथी समर्थकों ने सवाल उठाया कि क्या नेता प्रतिपक्ष कठिन आंदोलनों की अगुवाई करने से डरते हैं। उन्होंने CJP प्रदर्शन में शामिल हुए वरिष्ठ वामपंथी नेताओं का हवाला दिया।

अब तक की कहानी

CJP मई के मध्य में उभरी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की उस टिप्पणी के बाद देश भर में नाराजगी फैली, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहा था। शुक्रवार को जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 200 प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया था। शनिवार को दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन रात 10 बजे तक बंद रखे गए।

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