- सूरत के उधना स्टेशन पर मजदूरों की लंबी कतारें लगीं।
- मजदूर दिवाली और छठ पूजा के लिए यूपी-बिहार लौट रहे हैं।
- कई मजदूरों ने 12 घंटे की शिफ्ट और वेतन कटौती के आरोप लगाए।
- इन आरोपों पर नियोक्ताओं की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर दिवाली से करीब एक महीने पहले मजदूरों की लंबी कतारें लग गई हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूर दिवाली और छठ पूजा के लिए अपने गांव लौटने की तैयारी में हैं।
स्टेशन पर क्या दिख रहा है
मजदूर बैग और बच्चों के साथ स्टेशन पहुंच रहे हैं। कई कारीगरों ने बताया कि वे त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए घर जाने की योजना पहले से बना चुके थे।
स्थानीय स्तर पर कहा जा रहा है कि सूरत के टेक्सटाइल और एम्ब्रॉयडरी यूनिटों के मजदूरों के बीच ‘गांव चलो’ नाम की मुहिम चल रही है और स्टेशन पर भीड़ का संबंध उसी से है। इस मुहिम से जुड़े लोगों के मुताबिक सूरत शहर और जिले से बड़ी संख्या में मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार जा रहे हैं।
इस बीच एक अफवाह भी फैली कि फैक्टरी मालिकों ने मजदूरों की छंटनी कर दी है। इसकी कोई पुष्टि नहीं है।
मजदूरों के आरोप
घर लौट रहे मजदूरों ने 12 घंटे की शिफ्ट, रोके गए वेतन, वेतन कटौती और साप्ताहिक छुट्टी न मिलने के आरोप लगाए हैं।
एक मजदूर ने कहा:
“हमें रोज 12 घंटे काम करना पड़ता है, और समय पर पैसे भी नहीं मिलते।” — घर लौटने की तैयारी कर रहा मजदूर
उसने बताया कि लगातार 30 दिन काम के बाद छुट्टी लेने पर वेतन कट जाता है। कई मजदूरों का आरोप है कि साप्ताहिक छुट्टी मांगने पर वेतन काटा गया या नौकरी से निकालने की धमकी दी गई।
इन आरोपों पर नियोक्ताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी लगी थी भीड़
यह मामला अप्रैल 2026 की घटना से अलग है। तब गर्मी की छुट्टियों और फैक्टरियां बंद होने के कारण उधना स्टेशन के बाहर दो किलोमीटर से ज्यादा लंबी कतार लगी थी। उत्तर प्रदेश और बिहार की विशेष ट्रेनों के लिए 8,000 से ज्यादा मजदूर जमा हुए थे। उस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
